बेताब सा ख़्वाब

Dreaming
बेताब सा कोई ख्वाब है,
जो मुझे सताए सदा,
तुझे देखूं तो लगे,
हर लम्हा ठहराए खुदा।

दिलका संभलना बड़ा ही मुश्किल हुआ,
ये दिल तेरी हँसी का कायल हुआ,
तुझसे बातें करने के लिए लफ्जों की जरूरत नहीं,
तूही किताब और अल्फाज भी तूही।

तेरे आंखों के समंदर में मैं डूब जाऊंगा,
तु कही भी चला जा तेरे पास ही रहूंगा,
तेरे सपनों की गलियों से मैं गुजरता रहूंगा,
तेरी खुशी के लिए दुनिया से लड़ जाऊंगा।

तूने ही मेरी आदतें बिगाड़ी है,
तुझे पाने की ख्वाहिशें बढ़ाई है।
लब आजाद नाम आएं सदा तेरा,
तु ना हो तो जिंदगी मे रखा क्या है।

केहना है तुझसे बोहोत कुछ,
पर खामोशियां मिटती नही,
खामोश है मेरे अल्फाज मगर,
मोहब्बत मेरी झूठी नहीं।


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